Showing posts with label शायरी. Show all posts
Showing posts with label शायरी. Show all posts

Gulzar ki Triveni



गुलजार की त्रिवेणियॉं

गुलजार साहब का कविता कहने का अपना ही अंदाज है. ये सूफियाना भी है रोमांटिक भी और खूबसूरत भी. त्रिवेणी उनकी खुद की ईजाद की हुई कविता की एक विधा है जिसमें तीन पंक्तियों में कोई बात कही जाती है. पेश हैं उनकी कुछ चुनी हुई त्रिवेणियॉं-

१.
मां ने जिस चांद सी दुल्हन की दुआ दी थी मुझे
आज की रात वह फ़ुटपाथ से देखा मैंने

रात भर रोटी नज़र आया है वो चांद मुझे

२.
सारा दिन बैठा,मैं हाथ में लेकर खा़ली कासा(भिक्षापात्र)
रात जो गुज़री,चांद की कौड़ी डाल गई उसमें

सूदखो़र सूरज कल मुझसे ये भी ले जायेगा।

३.
सामने आये मेरे,देखा मुझे,बात भी की
मुस्कराए भी,पुरानी किसी पहचान की ख़ातिर

कल का अख़बार था,बस देख लिया,रख भी दिया।

४.
शोला सा गुज़रता है मेरे जिस्म से होकर
किस लौ से उतारा है खुदावंद ने तुम को

तिनकों का मेरा घर है,कभी आओ तो क्या हो?

'५.
ज़मीं भी उसकी,ज़मी की नेमतें उसकी
ये सब उसी का है,घर भी,ये घर के बंदे भी

खुदा से कहिये,कभी वो भी अपने घर आयें!

६.
लोग मेलों में भी गुम हो कर मिले हैं बारहा
दास्तानों के किसी दिलचस्प से इक मोड़ पर

यूँ हमेशा के लिये भी क्या बिछड़ता है कोई?

Read More »

Nida Fazli - Dushmani laakh sahi



निदा फाजली की एक बहुत ही खूबसूरत नज्‍म- दुश्‍मनी लाख सही खत्‍म ना कीजे रिश्‍ता.... देखिए और सुनिए उन्‍हीं की जुबानी-


Read More »

Mushaira of Bashir Badra



प्रस्‍तुत हैं प्रख्‍यात शायर बशीर बद्र के कुछ कलाम उन्‍हीं की जुबान में......




Read More »

A Ghazal by Ahmed Nadeem Qasmi



Today i'm presenting a nazm of very famous urdu shayar Ahmed Nadeem Qasmi. lets listen his famous nazm recited by himself.

आज प्रस्‍तुत है उर्दू के प्रख्‍यात शायर अहमद नदीम काजमी की एक नज्‍म उन्‍हीं की आवाज में-





Read More »