हिन्दी निबंध लेखन के टिप्स



Tips for writing Hindi Essays- Hindi Essay How to

मित्रों लेखन एक कला है और ये एक ऐसी कला है जिसे सीखा जा सकता है और सीखकर और लगातार प्रयासों से इसे बेहतर से बेहतर बनाया जा सकता है। निबंध लेखन का उद्देश्य स्कूल लाइफ में बच्चों में की लेखन की कला का विकास करना ही है। पेपर में तो निबंध एक जरूरी भाग है ही उसके अलावा कई अवसरों पर भी बच्चों के लिए Schools की Extra curricular activities  में Essay writing competitions का आयोजन किया जाता
है।
तो आईये जानें अच्छा निबंध कैसे लिखा जाए और इसके लिए क्या तैयारी हो और लिखते समय किन बातों का ध्यान रखा जाए — 

1st Step- 
सबसे पहले तो हम जिस विषय पर निबंध लिखना चाहते हैं उस विषय से संबंधित सामग्री अधिक से अधिक पढ़ें। बच्चों को खासकर बड़ों से जरूर पूछना चाहिए उस विषय के बारे में क्योंकि कानों से सुना हुआ अक्सर याद रहता है और परीक्षा लिखते समय काम आता है। ​साथ ही पेपर हॉल में जाने से पहले दिनों में उस विषय की लिखकर प्रैक्टिस भी कर लेना चाहिए जिससे आत्मविश्वास बढ़ता है।

2nd Step-
जहां तक संभव हो निबंध अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करें। बच्चे खासकर निबंध को जैसे का तैसा रटकर जाते हैं इससे वे परीक्षा में उसे लिख तो आते हैं पर उनकी लेखन क्षमता और शैली का विकास नहीं हो पाता है साथ की रटे रटाये विषय के अलावा वे किसी दूसरे विषय पर लिखने से कतराते हैं। शुरूआत में भले ही ज्यादा प्रयास करना पड़े पर टीचर और पेरेंट्स को बच्चों को खुद के शब्दों में कुछ भी लिखने को प्रोत्साहित करना चाहिए।  

3rd Step-
निबंध को हमें चार या पांच स्टेप में लिखना चाहिए। जिनमें पहला स्टेप या चरण है — परिचय या प्रस्तावना। इसमें विषय के बारे में जानकारी देनी चाहिए। दूसरा स्टेप है — इसमें विस्तार से इस विषय के बारे में बताना चाहिए। तीसरे स्टेप में इस विषय से संबंधित उपयोगिता, लाभ हानि आदि के बारे में लिखना चाहिए जैसे यदि पर्यावरण प्रदूषण के बारे में निबंध लिख रहे हैं तो बताना चाहिए कि इससे स्वास्थ्य को क्या नुकसान हैं और क्यों इसे बचाये जाने की जरूरत है। चौथे स्टेप — में उपाय बताये जा सकते हैं जैसे पर्यावरण को कैसे बचाया जा सकता है। पांचवा स्टेप है — सारांश या उपसंहार। इसमें संक्षेप में निबंध का सार लिखा जा सकता है।

4th Step-
निबंध लिखते समय यह भी सावधानी बरतनी चाहिए कि दी गयी शब्द—सीमा या maximum word limit से बाहर ना निकले क्योंकि ज्यादा लंबा लिखने में समय भी बेकार होता है और मार्क्स देने वाला इसे ठीक से पढ़ता भी नहीं। इसलिए जहां तक संभव हो तय शब्द सीमा के अंदर ही लिखें।


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